भारत में हर परिवार की इच्छा होती है कि उसका अपना पक्का घर हो, जहाँ वह सुरक्षित और सम्मान के साथ रह सके। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों ने इस सपने को कठिन बना दिया था। अब सरकार के हालिया फैसले के बाद सरिया और सीमेंट की कीमतों में आई कमी ने घर बनाने की योजना को फिर से गति दी है। जीएसटी दर में कटौती के बाद बाजार में निर्माण सामग्री के दामों में गिरावट देखी जा रही है, जिससे आम लोगों को राहत मिली है।
निर्माण क्षेत्र में सरिया और सीमेंट सबसे महत्वपूर्ण सामग्री मानी जाती है। पहले टीएमटी सरिया की कीमत लगभग 80 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी, जो मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए भारी साबित हो रही थी। अब कीमतों में कमी के बाद यही सरिया लगभग 68 से 75 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच उपलब्ध है। यह अंतर मकान निर्माण की कुल लागत में बड़ा बदलाव ला सकता है।
सीमेंट की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है। पहले जहां एक बोरी सीमेंट की कीमत अधिक थी, वहीं अब प्रमुख ब्रांड्स की एक बोरी लगभग 335 से 380 रुपये के बीच मिल रही है। सीमेंट का उपयोग मकान की नींव से लेकर छत तक हर हिस्से में होता है, इसलिए इसके दाम में कमी का सीधा असर पूरे बजट पर पड़ता है। एक सामान्य आकार के मकान में जितनी सीमेंट लगती है, उस पर होने वाली बचत हजारों रुपये तक पहुंच सकती है।
अगर एक हजार वर्ग फुट के घर का उदाहरण लें, तो उसमें लगभग 10 से 15 टन सरिया लग सकता है। पहले इस पर लाखों रुपये खर्च होते थे, लेकिन अब उसी मात्रा में काफी बचत संभव है। सरिया और सीमेंट दोनों की कीमत कम होने से कुल निर्माण लागत में डेढ़ से दो लाख रुपये तक की कमी आ सकती है। यह बचत उन परिवारों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो सीमित बजट में घर बनाना चाहते हैं या होम लोन लेकर निर्माण कर रहे हैं।
कीमतों में गिरावट से निर्माण क्षेत्र में भी नई गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। अधिक मकान बनने से मजदूरों, ठेकेदारों और निर्माण उद्योग से जुड़े लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और आवास निर्माण का लक्ष्य तेजी से आगे बढ़ेगा।
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। सरिया और सीमेंट की वास्तविक कीमतें शहर, ब्रांड और बाजार की स्थिति के अनुसार बदल सकती हैं। किसी भी खरीद या निर्माण निर्णय से पहले स्थानीय बाजार दरों और अधिकृत विक्रेताओं से पुष्टि अवश्य करें।



